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10 Lines on World Leprosy Day

10 Lines on World Leprosy Day

10 Lines on World Leprosy Day

Anti-Leprosy Day

हेलो दोस्तों, आज हम आपके लिए 10 Lines on World Leprosy Day एक हिंदी निबंध लेकर आए हैं। 31 जनवरी या महीने के आखिरी रविवार को “विश्व कुष्ठ दिवस” को “कुष्ठ रोग विरोधी दिवस” के रूप में भी जाना जाता है। विश्व कुष्ठ दिवस मनाने की शुरुआत सन् 1954 से महात्मा गांधी के पुण्यतिथि वाले दिन से हुई थी। इस दिवस की शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कुष्ठ रोग के बारे में अधिक से अधिक जानकारी की जा सके ताकि वह अपने और अपने परिवारों का अच्छे से ख्याल रख सके।

Essay Writing

10 Lines on World Leprosy Day in English

  1. “World Leprosy Day”, also known as “Anti-Leprosy Day”, is celebrated every year on the last Sunday of January 31.
  2. Celebration of World Leprosy Day was started in 1954 on the death anniversary of Mahatma Gandhi.
  3. Leprosy is an infectious disease caused by a virus called Mycobacterium leprae.
  4. In leprosy, serious wounds on the skin of the human body and the nerves of the hands and feet start getting damaged. In the early stages of leprosy, there are strange spots on the body, on which we do not know when we touch it with the hand or any sharp metal, that is, the place is understood to be numb.
  5. Leprosy now known as Hansen’s disease was first discovered by the scientist Heinrich Armauer Hansen.
  6. In India, leprosy is also known as leprosy. Leprosy is treated absolutely free of cost at government health centers in India.
  7. At present, vaccines that reduce the infection of leprosy have also been manufactured and are given to children in childhood.
  8. Classes and sessions are arranged to make people aware about the importance of cleanliness and proper medicine.
  9. On this day many medicines and hygiene materials are given to undeveloped areas so that they can fight this disease and take care of themselves and their loved ones.
  10. This day is a good initiative for people to take care of their health and their loved ones and to take this problem seriously and work on it.

10 Lines on World Leprosy Day in Hindi

1. “विश्व कुष्ठ दिवस” को “कुष्ठ रोग विरोधी दिवस” के रूप में भी जाना जाता है, इसे हर साल 31 जनवरी के आखिरी रविवार को मनाया जाता है।
२ . विश्व कुष्ठ दिवस मनाने की शुरुआत सन् 1954 से महात्मा गांधी के पुण्यतिथि वाले दिन से हुई थी।
३ . कुष्ठ रोग एक संक्रामक रोग है जो माइकोबैक्टीरियम लेप्राई नामक विषाणु से होता है।
४   कुष्ठ रोग में मानव शरीर की त्वचा पर गंभीर घाव तथा हाथों एवं पैरो की तंत्रिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती है। कुष्ठ रोग के शुरुआती दौर में शरीर पर विचित्र दाग हो जाते है जिस पर हाथ या किसी नुकीले धातु से छूने पर हमें पता नहीं चलता अर्थात वह जगह सुन्न समझ में आता है।
५   . कुष्ठ रोग को अब हैनसेन रोग के नाम से जाना जाता है जिसकी खोज सबसे पहले वैज्ञानिक हेनरिक आर्मौअर हेन्सन ने की थी।
६   . भारत में कुष्ठ को कुष्ठ रोग के नाम से भी जाना जाता है। भारत के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठ रोग का उपचार बिल्कुल मुफ्त में किया जाता है।
७. वर्तमान समय में कुष्ठ रोग के संक्रमण को कम करने वाले टीके का निर्माण भी कर लिया है और बचपन में ही बच्चों को दिया जाने लगा है।
८.  लोगों को स्वच्छता और उचित दवा के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए कक्षाओं और सत्रों की व्यवस्था की जाती है।
९.  इस दिन अविकसित क्षेत्रों को कई दवाएं और स्वच्छता सामग्री दी जाती है ताकि वे इस बीमारी से लड़ सकें और अपना और अपने प्रियजनों का ख्याल रख सकें।
१०. यह दिन लोगों को अपने स्वास्थ्य और अपने प्रियजनों की देखभाल करने और इस समस्या को गंभीरता से लेने और इस पर काम करने के लिए एक अच्छी पहल है।

Conclusion

हम आशा करते हैं कि आपको 10 Lines on World Leprosy Day निबंध के माध्यम से दी गई जानकारी आप लोगों को अच्छी लगी होगी। अगर आपको हमारा पोस्ट अच्छा लगा हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कीजिए और Please Social में इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करके, ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों ताकि पहुंच सके।

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